• गैर-आक्रामक और सुरक्षित: माँ या बच्चे को कोई जोखिम नहीं — माँ के रक्त से कोशिका-मुक्त डीएनए का उपयोग करता है।
• प्रारंभिक पहचान: गर्भावस्था के 10 सप्ताह तक गुणसूत्र असामान्यता की जाँच करता है।
• उच्च सटीकता: उन्नत एनजीएस तकनीक उच्च संवेदनशीलता और कम गलत-सकारात्मक दर प्रदान करती है।
• व्यापक स्क्रीनिंग: ट्राइसोमी 13, 18, 21 और लिंग गुणसूत्र असामान्यताओं का पता लगाता है।
• त्वरित परिणाम: नमूना संग्रह के 2 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध।
🧬 एनआईपीटी (NIPT) स्क्रीनिंग पैनल
ऑटोसोमल ट्राइसोमी:
ट्राइसोमी 21 (डाउन सिंड्रोम), ट्राइसोमी 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम), ट्राइसोमी 13 (पटाऊ सिंड्रोम)
सेक्स क्रोमोसोमल एन्यूप्लॉइडी:
मोनोसोमी X (टर्नर सिंड्रोम), XXY (क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम), XYY, XXX
भ्रूण लिंग निर्धारण:
सेल-फ्री डीएनए से वैकल्पिक भ्रूण लिंग मूल्यांकन
मातृ रक्त में घूम रहे सेल-फ्री भ्रूण डीएनए (cffDNA) का विश्लेषण करने के लिए अगली पीढ़ी की सीक्वेंसिंग (NGS) का उपयोग करके गैर-आक्रामक प्रसवपूर्व परीक्षण (NIPT)। यह कॉपी नंबर वेरिएंट और गुणसूत्र संबंधी असामान्यताओं का पता लगाता है, जिनमें ट्राइसोमी 13 (पटाऊ सिंड्रोम), 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम), 21 (डाउन सिंड्रोम), और लिंग गुणसूत्र असामान्यताएं शामिल हैं। इसके लिए स्ट्रेक ट्यूब में 10 मिलीलीटर मातृ रक्त की आवश्यकता होती है।