गर्भधारण-पूर्व जांच: परिवार शुरू करने की योजना बना रहे जोड़ों को किसी भी संभावित आनुवंशिक जोखिम की पहचान करने के लिए वाहक जांच करानी चाहिए।
विवाह-पूर्व जांच: विवाह की योजना बना रहे व्यक्तियों या जोड़ों को, विशेष रूप से उन समुदायों या जातीय समूहों से संबंधित लोगों को जिनमें आनुवंशिक विकारों का अधिक जोखिम होता है, जांच पर विचार करना चाहिए।
सगोत्र विवाह: जो जोड़े संबंधित हैं या एक ही जातीय समूह से हैं, उनमें साझा आनुवंशिक उत्परिवर्तन का अधिक जोखिम होता है और उन्हें वाहक जांच करानी चाहिए।
आनुवंशिक विकारों या गर्भपात का इतिहास रखने वाले जोड़े: यदि आनुवंशिक विकारों का पारिवारिक इतिहास है या मेंडेलियन विकारों, बार-बार गर्भपात, या बांझपन के साथ पिछली गर्भावस्थाएं रही हैं, तो वाहक जांच की दृढ़ता से सिफारिश की जाती है।
ज्ञात वाहकों के रिश्तेदार: आनुवंशिक विकारों के वाहक के रूप में पहले से पहचाने गए व्यक्तियों के भागीदारों और रिश्तेदारों के लिए भी वाहक जांच आवश्यक है।
🧬 Couple Carrier Screening Panels
Recessive Genetic Disorders:
Comprehensive screening for autosomal recessive and X-linked conditions
Carrier Status Identification:
Detection of pathogenic variants in both partners for the same condition
Reproductive Risk Assessment:
Combined analysis to assess risk of passing genetic conditions to offspring